Guru Gobind Singh ki anmol vichar - Hindi Me

गुरु गोबिन्द सिंह का जन्म 22 दिसम्बर 1666 को  हुआ था  , केवल 9 वर्ष की उम्र मे सिक्ख के दसवे गुरु बने । गुरु गोबिन्द सिंह एक महान गुरु के साथ एक बेहतर योद्धा और कवि भी थे। बचपन से इन्हे अनेक भाषाए सीखने का  शौख था और इनहोने बहोत सारी सीखि भी । इनहोने समाज को कई सारे अनमोल विचार दिये जिससे प्रेरणा मिलती है कुछ अच्छा करने और बेहतर इंसान बनने की ।  गुरु गोबिन्द सिंह अपने जीवन मे बहोत सारे योगदान दिये सिक्ख धर्म के लिए इसलिए इन्हे आज भी पुजा जाता है  एक गुरु की तरह , इनहोने बहोत सारे विचार साझा किए है जिनमे से कुछ इस पोस्ट मे शेर करने जा रहा हूँ। 


Guru Gobind Singh quotes in hindi


1. सवा लाख से एक लड़ाकू
चिडियन ते मै बाज लड़ाउ
तबै गुरु गोविंद सिंह नाम कहाऊ । 


 2. अगर आप सिर्फ भविस्य की सोचते है 
तो वर्तमान को भी खो दोगे । 


3. दिन रात हमेशा ईश्वर का धायन करे। 

4. आप स्वय ही स्वय है, आपने स्वय  ही सृष्टि का सृजन किया है । 

5. ईश्वर स्वय छमाकर्ता है । 

6. यदि तुम असहाय और कमज़ोरों पर तलवार उठाते हो तो एक दिन ईश्वर भी आपके ऊपर अपना तलवार चलाएगी । 


7. बिना गुरु के किसी को भगवान की प्राप्ति नहीं होती । 


8. जो लोग सच्चाई के मार्ग का अनुसरण करते है और लोगों के प्रति दया का भाव रखते है । ऐसे लोगो के प्रति ही लोग करुणा और प्रेम का भाव रखते है । 


9. वह व्यक्ति हमेशा खुद अकेला पाता  है, जो लोगो के लिए जुबान पर कुछ और दिल मे कुछ और ही रखते है । 



10. हे परमेश्वर मुझ पर अपना आशीर्वाद बनाए रखना ताकि कभी भी अच्छे कर्म करने मे कोई संकोच न करू । 


11. मै उन सभी लोगो को पसंद करता हूँ जो सच्चाई के मार्ग पर चलते है । 


12. जब आप अपने अंदर से अहंकार मिटा देंगे तभी आपको वास्तविक शांति प्राप्त होगी । 


13. मेरी बात सुनो जो लोग दूसरों से प्रेम करते है वही लोग प्रभु को महसूस कर सकते है ।


14. जो कोई भी मुझे भगवान कहे , वो नर्क मे चला जाए । 


15. मुझे उसका सेवक मानो और इसमे कोई संदेह न रखो । 


16. इंसान से प्रेम ही ईश्वर से सच्ची भक्ति है । 


17. उसने हमेशा अपने अनुयायियों को आराम दिया है और समय उनकी मदद की है । 


18. अज्ञानी व्यक्ति पूरी तरह से अंधा होता है , वह गहने की मूल्य की सराहना नहीं करता है बलके उसके चकाचौंध की तारीफ करता है। 


19. भगवान स्वय  उनके मार्ग बनाते है जो लोग अच्छाई का कर्म करते है । 


20. उनही लोगो का जीवन पूर्ण है जिनके अंदर भगवान के नाम की महसूस करते है । 


21. ईश्वर ने हमे जन्म दिया है ताकि हम संसार मे अच्छे काम करे और बुराई को दूर करे। 


22. मै लोगो के पैरों मे गिरता हूँ जो लोग सच्चाई पर विश्वास रखते है । 


23. सचमुच वो गुरु धन्य है जिनहोने भगवान के नाम को याद करना सिखाया । 


24. स्वार्थ ही बुरे कर्मो के जन्म का कारण बनता है । 


25. जो लोग हर हाल मे ईश्वर का नाम सिमरन करते है , वो ही लोग सुख और शांति प्राप्त करते है।