नजरिया बदलने के 5 कदम - 5 steps to change Attitude in Hindi

नमस्कार मित्रों ,  सबसे पहले मै आपको धन्यवाद कहना चाहूँगा हमारे ब्लॉग को विसिट करने के लिए , आज की पोस्ट काफी महत्वपुर्ण है जिसमे मै बताने वाला हूँ , आप अपने नजरिए को कैसे बदल सकते हो और इसके क्या -क्या फायदे है । अगर आपको ये जानना है तो इस पोस्ट को पूरा पढे । दोस्तों सबसे पहले आपको ये मान लेनी है नजरिया ही एक ऐसी चीज़ है जो हमे सबसे अलग और कामयाब बनाने मे मदद करती है इसलिए हममे एक अच्छी नजरिया का होना बहोत ही जरूरी है। जैसा की मै कह चुका हूँ सकारात्मक नजरिया ही हमे सबसे अलग और बेहतर बनाती है । तो चलिये जान लेते है ऐसी कोन सी आदत है जिसे हमे छोडनी है और किसे अपनानी है ।


steps to change Attitude in Hindi


नजरिया बदलने के 5 कदम


1. सकारात्मक रहे और अच्छाई ढूँढे :-  केवल नजरिया का बदलना जरूरी नहीं होता , जरूरी है तो सकारात्मक नजरिया की जो हम मे होनी ही चाहिए , सकारात्मक नजरिया हम पॉज़िटिव सोच से बना सकते है । सबसे अहम बात हमेशा इंसान और सोच मे अच्छाई ही ढूंढो न की उनकी नकारात्मक पहलू को । अगर आप इंसान की केवल अच्छाई देखते हो और उन्हे एहसास दिलाते हो उनकी काबिलयत और अच्छाई की तो आप एक बेहतर सेल्फ-एस्टीम बनाते हो जो आपको दूसरों से अलग पहचान देती है ।



2. हर काम जल्दी करने की आदत डाले :-  हर काम जल्दी करने की आदत डाले , टालमटोल जैसी बुरी आदत से दूर रहे क्यूँकी ये आपकी नजरिए पर बुरा प्रभाव डालता है । लोग आपको आलसी कहेंगे और आप बहोत सारे opportunities को भी खो दोगे अगर काम जल्दी न करते हो या टालमटोल जैसी बुरी आदत है तो । एक बात हमेशा धयान मे रखे अपना काम समय के साथ या समय से पहले ही करे इससे आपका नजरिया बदलेगा , इसके बहोत सारे फायदे भी है लोग आपको अधिक पसंद करेंगे , आपका नाम होगा और आपकी काबिलयत मे भी निखार आएगा।



3. अहसानमंद बने :- हर वो इंसान जो आपकी मदद करे उसका अहसान मानो , ऐसा करने से आप खुद को और बड़ा बना दोगे समाज की नजर मे लोग आपकी इज्ज़त करेंगे और अच्छे से पेश आएंगे लेकिन कुछ लोग का कहना है उन्हे अहसान लेना पसंद नहीं जबकि ये सही नहीं है जाने अनजाने मे हम दूसरों से अहसान तो  लेते है और ये एक बुरा attitude है जो इंसान को समाज से दूर करती है। इस बात का खाश ध्यान रखे किसी का सुक्रगुजार होना आपकी सेल्फ रेस्पेक्ट कम नहीं करती बल्कि और आप बेहतर महसूस करते हो अपने समाज मे ।



4. लगातार ज्ञान प्राप्त करे :-  ज्ञान कभी खत्म नहीं होती इसलिए हमे भी अपनी जीवन मे ज्ञान हासिल करने की भूख को मरने नहीं देना चाहिए । अगर आप सच मे सकारात्मक नजरिया विकसित करना चाहते हो तो आपको लगातार ज्ञान हासिल करना काफी जरूरी है । आपको जो पसंद है या  job से मिलती जुलती हो , उसकी ज्ञान लेते रहो । एक दिन ऐसा आएगा जब आप सबसे बेहतर होगे अपने काम मे और आप खुद महसूस करोगे आपके अंदर सकारात्मक नजरिया जन्म ले चुकी होगी ।



5. नकारात्मक असर से दुर रहे :- आपको  इससे दुर  रहना है  क्यूँ की नकारात्मक असर कभी आगे बढ़ने नहीं देगी , ये सच है आप कभी खुद को एक बेहतर और कामयाब नहीं बना पाओगे अगर आप नकारात्मक असर मे रहते हो , ये आपकी सारी खूबी को बेअसर कर देती है , हमेशा कोसिस यही होनी चाहिए जितना हो सके खुद को  सकारात्मक रखे और इस बुरी आदत से दुरी रखे ।